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प्रेस विज्ञप्ति
पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक बृहद परियोजना के अंतर्गत किसानों के हितों को लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री के साथ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की महत्वपूर्ण बैठक
दिनांक 17 दिसंबर 2025
नई दिल्ली। पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक बृहद परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी गंभीर चिंताओं और किसानों के हितों को लेकर आज मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में डूब प्रभावित क्षेत्र चाचौड़ा के प्रतिनिधि मंडल की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में परियोजना से प्रभावित किसानों, ग्रामीण आबादी, कृषि भूमि, आजीविका तथा पर्यावरणीय प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि प्रस्तावित बड़े बांध (Big Dam) के स्थान पर छोटे बांधों / वैकल्पिक संरचनाओं पर विचार किया जाए, ताकि सिंचाई और जल प्रबंधन के उद्देश्यों की पूर्ति के साथ-साथ किसानों को न्यूनतम नुकसान हो और बड़े पैमाने पर विस्थापन की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक परियोजना से जुड़े निर्णय लेते समय स्थानीय जनभावनाओं, सामाजिक-आर्थिक प्रभावों, कृषि आधारित आजीविका तथा पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रतिनिधि मंडल द्वारा डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों, कृषि भूमि, जलस्रोतों तथा संभावित विस्थापन से संबंधित व्यावहारिक और तथ्यपरक बिंदु केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे गए।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि किसानों एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी बिंदुओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा, तथा परियोजना के क्रियान्वयन में किसानों के हितों की रक्षा और न्यूनतम नुकसान सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं का समुचित मूल्यांकन कर आगे की प्रक्रिया में इन सुझावों को सम्मिलित करेंगे।
बैठक में जलशक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ एवं विभागीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मंडल ने अपेक्षा जताई कि केंद्र सरकार परियोजना के उद्देश्यों के साथ-साथ किसान, ग्रामीण जन और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी।
श्री दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर कहा कि विकास परियोजनाएं आवश्यक हैं, किंतु उनका स्वरूप ऐसा होना चाहिए जिससे कृषक समुदाय पर अनावश्यक भार न पड़े और जल संसाधन विकास के साथ सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित हो।
चचौड़ा क्षेत्र के प्रतिनिधि मण्डल में देवेंद्र मीना, श्याम मीना, संजय मीना, रोहित मीना, सौरभ यादव, दीपक यादव, ब्रजेश मीना, वीरेंद्र सिंह एवं देवेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रति,
माननीय संपादक महोदय,
ससम्मान प्रकाशनार्थ।
द्वारा
कार्यालय
श्री दिग्विजय सिंह जी,
राज्यसभा सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश, दिल्ली।
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