Hyderabad belongs to All

अगर कुछ लोग यह मान लें की जो व्यक्ति तेलंगाना में पैदा हुआ वही रहेगा - तो कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकार नहीं कर सकती। शहर सब का है।

Hyderabad belongs to All

Digvijay Singh says Hyderabad belongs to All

निजामियत का यहाँ जो कल्चर है उसका हम सम्मान करते है , लेकिन धीरे धीरे उस निजामियत कल्चर को रखते हुए भी, इस शहर ने जिस प्रकार से एक आईटी का हब बना, शिक्षा का केंद्र बना , और केंद्र सरकार के कई ऑफिस यहां पर आएँ। हैदराबाद शहर एक ऐसा शहर है जहाँ राष्ट्रपति भवन है और जिसमे राष्ट्रपतिजी रुकते भी हैं।

ऐसे शहर को अगर कुछ लोग यह मान लें की जो व्यक्ति तेलंगाना में पैदा हुआ वही रहेगा - तो कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकार नहीं कर सकती। शहर सब का है। भारत के नागरिक का हक़ है , क्या हैदराबाद में पैदा हुआ व्यक्ति दिल्ली में व्यसाय नहीं करता , मुंबई में व्यसाय नहीं करता , क्या विजयवाड़ा या विशाखापट्नम में व्यसाय नहीं करता ? अगर हैदराबाद में जन्मा व्यक्ति , तेलंगाना में जन्मा व्यक्ति बहार जा कर व्यसाय कर सकता है, पढाई कर सकता है - तो बहार जन्मा व्यक्ति भी हैदराबाद में आकर व्यसाय कर सकता है, पढाई कर सकता है। और उसके खिलाफ किसी की ताकत नहीं है की उसके साथ किसी प्रकार का भेदभाव करे।

मैं विशेष करके यहां के छात्रों से अनुरोध करना चाहता हूँ - वे न घबरायें टीआरएस और मुख्यमंत्रीजी उन्माद फैला कर राजनीती करना चाहते हैं। बाँट कर राजनीती करना चाहते है - कांग्रेस पार्टी कभी बांटती नहीं है हमेशा जोड़ कर राजनीती करती है - यही फ़र्क़ है कांग्रेस और दूसरी पार्टियों में। कांग्रेस वो पार्टी है जिसमे इस देश की आत्मा है - सभी धर्म संप्रदाय और जाति के लोगों को एक कर के चलती है - कभी धर्म के आधार पर, क्षेत्र के पर राजनीती नहीं करती है। आज हमे इस बात के ख़ुशी है की हम इस बात पर गर्व करते हैं की इस देश में धर्म के नाम पर, क्षेत्रवाद के नाम पर , जिस प्रकार से राजनितिक दाल बांटने का रहे हैं - चाहे हमें नुकसान हुआ हो - लेकिन कांग्रेस पार्टी दिलों को जोड़ती है - अलग अलग धर्म के पालन करने वालोँ को जोड़ कर चलती है - और सभी को समान अवसर देने का धर्म निभाती है

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निजामियत का यहाँ जो कल्चर है उसका हम सम्मान करते है , लेकिन धीरे धीरे उस निजामियत कल्चर को रखते हुए भी, इस शहर ने जिस प्रकार से एक आईटी का हब बना, शिक्षा का केंद्र बना , और केंद्र सरकार के कई ऑफिस यहां पर आएँ। हैदराबाद शहर एक ऐसा शहर है जहाँ राष्ट्रपति भवन है और जिसमे राष्ट्रपतिजी रुकते भी हैं।

ऐसे शहर को अगर कुछ लोग यह मान लें की जो व्यक्ति तेलंगाना में पैदा हुआ वही रहेगा - तो कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकार नहीं कर सकती। शहर सब का है। भारत के नागरिक का हक़ है , क्या हैदराबाद में पैदा हुआ व्यक्ति दिल्ली में व्यसाय नहीं करता , मुंबई में व्यसाय नहीं करता , क्या विजयवाड़ा या विशाखापट्नम में व्यसाय नहीं करता ? अगर हैदराबाद में जन्मा व्यक्ति , तेलंगाना में जन्मा व्यक्ति बहार जा कर व्यसाय कर सकता है, पढाई कर सकता है - तो बहार जन्मा व्यक्ति भी हैदराबाद में आकर व्यसाय कर सकता है, पढाई कर सकता है। और उसके खिलाफ किसी की ताकत नहीं है की उसके साथ किसी प्रकार का भेदभाव करे।

मैं विशेष करके यहां के छात्रों से अनुरोध करना चाहता हूँ - वे न घबरायें टीआरएस और मुख्यमंत्रीजी उन्माद फैला कर राजनीती करना चाहते हैं। बाँट कर राजनीती करना चाहते है - कांग्रेस पार्टी कभी बांटती नहीं है हमेशा जोड़ कर राजनीती करती है - यही फ़र्क़ है कांग्रेस और दूसरी पार्टियों में। कांग्रेस वो पार्टी है जिसमे इस देश की आत्मा है - सभी धर्म संप्रदाय और जाति के लोगों को एक कर के चलती है - कभी धर्म के आधार पर, क्षेत्र के पर राजनीती नहीं करती है। आज हमे इस बात के ख़ुशी है की हम इस बात पर गर्व करते हैं की इस देश में धर्म के नाम पर, क्षेत्रवाद के नाम पर , जिस प्रकार से राजनितिक दाल बांटने का रहे हैं - चाहे हमें नुकसान हुआ हो - लेकिन कांग्रेस पार्टी दिलों को जोड़ती है - अलग अलग धर्म के पालन करने वालोँ को जोड़ कर चलती है - और सभी को समान अवसर देने का धर्म निभाती है