#RajyaSabha Question #1230


GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF TRIBAL AFFAIRS
RAJYA SABHA
QUESTION NO 1230
ANSWERED ON 03.12.2014

Title deeds on forest land to tribals

Will the Minister of TRIBAL AFFAIRS be pleased to satate :-

  • (a) (a) whether all tribals who have encroached on the forest land before 2005 ought to be settled on forest land; and
  • (b) if so, the State-wise figures of the claims submitted by the tribals and non-tribals and out of which how many tribals and non-tribals have been given title deeds in every State?

Answer

MINISTER OF TRIBAL AFFAIRS, (SHRI JUAL ORAM)

(a) & (b) The forest dwelling scheduled tribes and the other traditional forest dwellers who have been occupying forest land and residing in forests for generations but whose forest rights could not be recorded; their pre-existing forest rights are recognized and vested under the Scheduled Tribes and other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006, following the due process laid down therein. (b): A statement showing State-wise number of claims received and distribution of title deeds under the Scheduled Tribes and other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006, as on 31.10.2014 is Annexed.

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भारत सरकार
जनजातीय कार्य मंत्रालय
राज्यं सभा
अतारांकित प्रश्ना संख्याी 1230
(03 दिसंबर, 2014)

जनजातीय लोगों को वन-भूमि का स्वत्व विलेख प्रदान करना

क्या जनजातीय कार्य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

  • (a) क्या सभी जनजातीय लोग जिन्होंने 2005 से पहले वन भूमि पर अतिक्रमण किया था उन्हें वन भूमि पर ही रहने दिया जाना चाहिए; और
  • (b) यदि हां, तो राज्य-वार जनजातीय लोगों और गैर-जनजातीय लोगों द्वारा पेश किए गए दावों के आंकड़ें क्या-क्या हैं तथा इसमें से कितने जनजातीय और गैर-जनजातीय लोगों को प्रत्येक राज्य में स्वत्व विलेख प्रदान किये जा चुके हैं?

उत्तर

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री (श्री जगत प्रकाश नड्डा)

(a) (क) वन निवासी अनुसूचित जनजातियां तथा अन्य परंपरागत वन निवासी जिन्होंने वन भूमि पर कब्जे किए हुए हैं तथा जो पीढ़ियों से वनों में रह रहे हैं परन्तु जिनके वन अधिकारों को दर्ज नहीं किया जा सका है; उनके पूर्व विद्यमान वन अधिकारों को अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत तथा इसमें निर्धारित उचित प्रक्रिया का अनुसरण करने के पश्चात मान्यता दी गई है तथा उन्हें ये अधिकार प्रदान किए गए हैं।

(b) (ख) दिनांक 31.10.2014 तक अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत प्राप्त दावों तथा वितरित अधिकार पत्रों की राज्यवार संख्या को दर्शाने वाला विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

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